महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना: टेक्सटाइल (कपड़ा) उद्योग में सुनहरे अवसर क्या आप गाँव में रहते हैं और अपना खुद का रोजगार शुरू करना चाहते हैं? क्या आपकी रुचि कपड़े, सिलाई, या बुनाई (Textile) के क्षेत्र में है? अगर हाँ, तो महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना आपके लिए एक वरदान साबित हो सकती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना था कि भारत का हर गाँव आत्मनिर्भर बने, और इसी सपने को पूरा करने के लिए सरकार खादी और ग्रामोद्योग (KVIC) के माध्यम से टेक्सटाइल सेक्टर में स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है। आज के इस पोस्ट में, हम जानेंगे कि कैसे आप इस योजना के तहत अपना टेक्सटाइल बिजनेस शुरू कर सकते हैं, लोन कैसे मिलेगा और इसमें क्या-क्या लाभ हैं। महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना क्या है? यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए है। टेक्सटाइल सेक्टर में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत में कृषि के बाद सबसे ज्यादा रोजगार इसी क्षेत्र में है। इस योजना के अंतर्गत सरकार खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVI...